ये दिल

आज आझाद परींदे की तरह ऊडना चाहता है ये दिल, 
आसमान की ऊंचाई को छूने की ख्वाहिश है ईस दिल की, 
जो मन मै सजाए रखे थे कही ख्वाब आज उन्ही ख्वाबो को पूरा करना चाहता है ये दिल,
आसमान मै ऊडकर और ईस नकाबी दुनिया से बहुत दूर जाकर बस दो सुकून के पल जिना चाहता है ये दिल, 
सूरज की रोशनाई की तरह झलकना चाहता है ये दिल, 
जीवन के इस अंधेरे मै चांद और तारो की तरह चमकना चाहता है ये दिल, 
बरसात के पवित्र बूंदो की तरह बरसना चाहता है ये दिल, 

बस यही ख्वाब है ईस दिल के

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